आज का दिन ऐसा है जैसे वो हर पल मेरे साथ भी था, और मीलों दूर भी
उसका साथ चलना मेरी जरूरत भी था, और खुद की तन्हाई मेरी मर्जी भी
उसकी हंसी दिल सुकून भी था, और दिल में उठते हज़ारों सवालों का सबब भी
उसकी आंखें शांत समुद्र भी थी, और आने वाले किसी तूफान का ईशारा भी
उसकी बातों में कहीं एक मंज़िल भी थी, और कहीं सूनी सी लंबी तन्हा सड़क भी
उसका स्पर्श सवालों का जवाब भी था, और अंदर तक उतर जाने वाली चुभन भी
उसका मेरे साथ होना मेरा ख्याल भी था, और मेरे ख़्यालों पर उसे एतबार भी
उसको प्यार करना खुशकिस्मती भी थी, और प्यार को दर्द में पिरोने की मेरी जुस्तजू भी।।
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