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मई 2008


ब्लॉग्स (21)
आज की दौड़ती भागती जिंदगी में मुस्‍कुराना भी इतना मुश्किल हैकिसी दिन जब यू ही कभी अचानकदिल से.....बारिश की पहली फुहार सीकोई हंसी बरसती हैतो खुद की ही नज़र लग जाती हैऔर लबों पर जाना पहचाना सा कोईगहरा अंधेरा सा सन्‍नाटा छा जाता है...इस सन्‍नाटे में लाखों ... आगे पढ़ें...

मुझेएक ऐसी रोशनी देके शाम ये शरीरउस खुदा के जलते हुए दिये की रोशनीबन जाए!!! आगे पढ़ें...

सितारों से सजी उसकी दुनिया मेंकिसी चाँद का इंतज़ार नहीं होतावो मुस्कुरा दे तो चाँदनी बिखर जाएवो छू लें तो पूनम की रात हो जाए। आगे पढ़ें...