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3 जून, 2008


ब्लॉग्स (1)
सबकुछ मेरे आस पास ही थाऔर वो सब थे मेरे पास एकदम शांतअचानक महसूस हुआकोई मेरे अंदर कहीं से झांक रहा हैया दिख रहा था वो मुझे हर कहींआसमान मे, धरती पर, मेरे हाथों मेंमेरी पलकों पर, मुस्‍कुराते होंठो परबहते ऑसुओं में, दोस्‍तों में, अपनों मेंहर कही....फिर भी ... आगे पढ़ें...