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तलाश जाने क्‍यों वो साँसों की डोर टूटने नहीं देता… बस दो कदम और कह कर रुकने नहीं देता…आगे पढ़ें... 

माफ़ी
> इस जहान से, जिसकी मैं कभी हो न सकी जहाँ का ख्‍वाब कभी मैं देख न सकी जिसके असूलों पर कभी ... Garvita kaushal द्वारा 17 जून, 2008 9:56:00 AM IST पर पोस्टेड
नीली नदी के तले....
वो परी अपने साथ मुझे पानी की गहराइयों में कहीं दूर तक ले जा रही थी उसके हाथ को थामकर मैं नीले जल में ... Garvita kaushal द्वारा 7 जून, 2008 5:06:00 PM IST पर पोस्टेड
कैसा इंसाफ़
कहने को तो कहा जाता है कि बच्‍चों पर अत्‍याचार करना अपराध है, और देखा भी जाएं तो प्रत्‍यक्ष रूप से ... Garvita kaushal द्वारा 3 मई, 2008 10:30:00 AM IST पर पोस्टेड
अनसुलझी बातें
मैंने हर बार कहा हम जहां है खुश है पर शायद वक्‍त इस बात को मानना ही नहीं चाहता था बार बार यही सवाल ... Garvita kaushal द्वारा 23 मई, 2008 3:45:00 PM IST पर पोस्टेड
प्रेम
ओशो को जब भी पढ़ा अंदर एक अजीब सी बेचैनी रहीं है... हर बार एक नया सवाल और उसे पढ़ने, जवाब पा लेने के ... Garvita kaushal द्वारा 25 फ़रवरी, 2008 2:34:00 PM IST पर पोस्टेड
तेरा इंतज़ार
सबकुछ मेरे आस पास ही था और वो सब थे मेरे पास एकदम शांत अचानक महसूस हुआ कोई मेरे अंदर कहीं से झांक ... Garvita kaushal द्वारा 3 जून, 2008 8:43:00 AM IST पर पोस्टेड
सपना
Garvita kaushal द्वारा 13 मई, 2008 3:52:00 PM IST पर पोस्टेड
कविता मेरी जीवन रेखा है.
आओ, फिर नज़्म कहें फिर किसी दर्द को सहला के सुजा लें आंखें फिर किसी दुखती हुई रग से छुआ दें नश्‍तर ... Garvita kaushal द्वारा 15 मई, 2008 12:22:00 PM IST पर पोस्टेड
Wrist MOBILE Phone.......
Garvita kaushal द्वारा 27 मई, 2008 5:33:00 PM IST पर पोस्टेड