भावनाओं को चाहिएअभिव्यक्ति लेकिनहम चुप रहते है, किबिना कहे वे समझली जाएगी, लेकिनवे रह जाती है अनसुनी क्योंकि कहने और सुनने के बीचमौन बस ठिठकाखड़ा रहता है।यहाँ से वहाँ तक बहता नहीं हैबेहतर है कुछ इस तरहजी जाएं अपनी बात कोऐसे शब्द दे दिए जाए किजब समय ...
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