Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

टैग्स: विविध


ब्लॉग्स (8)


>इस जहान से, जिसकी मैं कभी हो न सकीजहाँ का ख्‍वाब कभी मैं देख न सकीजिसके असूलों पर कभी खरी उतर न सकीजिसके दर्द मे अपने आँसू बहा न सकीजिसकी ना पर,मैं टूट कर धरती में समा न सकीहाँ, मैं खुश हूँ अपने जहान में जहाँ मेरा आसमां तो है। आगे पढ़ें...

सबकुछ मेरे आस पास ही थाऔर वो सब थे मेरे पास एकदम शांतअचानक महसूस हुआकोई मेरे अंदर कहीं से झांक रहा हैया दिख रहा था वो मुझे हर कहींआसमान मे, धरती पर, मेरे हाथों मेंमेरी पलकों पर, मुस्‍कुराते होंठो परबहते ऑसुओं में, दोस्‍तों में, अपनों मेंहर कही....फिर भी ... आगे पढ़ें...

नए शब्‍द की चाह मेंमैं कल रात पुराने शब्दोंकी गठरी बनाकर उसेपीपल के दरख़्त परटांग आई!!! आगे पढ़ें...

याद है इक दिन...मेरे मेज़ पे बैठे-बैठेसिग्रेट की डिबिया पर तुम नेछोटे से इक पौधे काएक स्‍कैच बनाया था!आ कर देखो-उस पौधे पर फूल आया है!! आगे पढ़ें...


कहने को तो कहा जाता है कि बच्‍चों पर अत्‍याचार करना अपराध है, और देखा भी जाएं तो प्रत्‍यक्ष रूप से तो कोई भी बच्‍चों से कार्य भी नहीं करवाता या करवाएगा। बाल श्रम पर रोक जो लगाई गई है और एक दो हफ़्ते में तो पुलिस और मीडिया द्वारा इस पर आवाज़ भी उठाई जाती ... आगे पढ़ें...